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Valentine Week: जाने कब कौन जिंदगी का हिस्सा बन जाए

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Valentine Week: जाने कब कौन जिंदगी का हिस्सा बन जाए

खूबसूरत सा एक पल कब किस्सा बन जाए
जाने कब कौन जिंदगी का हिस्सा बन जाए”

ये शब्द जब कभी भी मेरे कान में गूँजतें हैं मुझे उस पल की याद ताजा हो जाती है जब मैंने उसे पहली बार देखा था . कल तलक अनजान सी लगने बाली लड़की पता नहीं चला कब मेरे दिल कि मालकिन बन बैठी

किसी के दिल में चुपके से रह लेना तो जायज है
मगर आने से पहले कुछ इशारे भी किये होते

दिल में अजीब तरह सी हलचल हर पल होने लगी .लगने लगा जिंदगी प्यार से चलने बाली खूब सूरत गाड़ी है .

गर कोई हमसे कहे की रूप कैसा है खुदा का
हम यकीकन ये कहेंगे जिस तरह से यार है….

संग गुजरे कुछ लम्हों की हो नहीं सकती है कीमत
गर तनहा होकर जीए तो बर्ष सो बेकार है..

धीरे धीरे समय गुजरता गया लगने लगा पैर जमीन पर नहीं हैं

हर सुबह रंगीन अपनी शाम हर मदहोश है
वक़्त की रंगीनियों का चल रहा है सिलसिला

चार पल की जिंदगी में ,मिल गयी सदियों की दौलत
जब मिल गयी नजरें हमारी ,दिल से दिल अपना मिला

नाज अपनी जिंदगी पर क्यों न हो हमको भला
कई मुद्द्दतों के बाद फिर अरमानो का पत्ता हिला

इश्क क्या है ,आज इसकी लग गयी हमको खबर
रफ्ता रफ्ता ढह गया, तन्हाई का अपना किला

वक़्त भी कुछ इस तरह से आज अपने साथ है
चाँद सूरज फूल में बस यार का चेहरा मिला

दर्द मिलने पर शिकायत ,क्यों भला करते मदन
दर्द को देखा ज दिल में मुस्कराते ही मिला
**************************************************

खुशबुओं की बस्ती में रहता प्यार मेरा है
आज प्यारे प्यारे सपनो ने आकर के मुझको घेरा है
उनकी सूरत का आँखों में हर पल हुआ यूँ बसेरा है
अब काली काली रातो में मुझको दीखता नहीं अँधेरा है

जब जब देखा हमने दिल को ,ये लगता नहीं मेरा है
प्यार पाया जब से उनका हमने ,लगता हर पल ही सुनहरा है
प्यार तो है सबसे परे ,ना उसका कोई चेहरा है
रहमते उदा की जिस पर सर उसके बंधे सेहरा है

प्यार ने तो जीबन में ,हर पल खुशियों को बिखेरा है
ना जाने ये मदन ,फिर क्यों लगे प्यार पे पहरा है

प्यार प्रेम मुहब्बत सच मायने में खुदा की इंसान को दी हुयी सबसे अनमोल बक्शीश है .प्रेम से जिंदगी के हर मसले हल हो सकतें हैं .

मदन मोहन सक्सेना

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14 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

deepakbijnory के द्वारा
February 16, 2014

बहुतखूब मदन मोहन जी

    Madan Mohan saxena के द्वारा
    February 17, 2014

    बहुत शुक्रिया होंसला अफजाई के लिए.

sanjay kumar garg के द्वारा
February 13, 2014

“जाने कब कौन जिंदगी का हिस्सा बन जाए” अच्छी रचना आदरणीय जी !

    Madan Mohan saxena के द्वारा
    February 13, 2014

    धन्यवाद ! प्रतिक्रिया मिली बहुत अच्छा लगा।

kavita1980 के द्वारा
February 12, 2014

सजी व वर्णन - बधाई

shakuntlamishra के द्वारा
February 8, 2014

चाँद सूरज फूल में बस यार का चेहरा खिला -मदन जी अच्छी कविता है !

    Madan Mohan saxena के द्वारा
    February 10, 2014

    आपकी सार्थक प्रतिक्रया हेतु शुभकामनाओं सहित हार्दिक साभार धन्यबाद

meenakshi के द्वारा
February 8, 2014

” प्यार प्रेम मुहब्बत सच मायने में खुदा की इंसान को दी हुयी सबसे अनमोल बक्शीश है .प्रेम से जिंदगी के हर मसले हल हो सकतें हैं .” लाज़वाब रचना मदन जी . मीनाक्षी श्रीवास्तव

    Madan Mohan saxena के द्वारा
    February 10, 2014

    प्रोत्साहन के लिए आपका हृदयसे आभार . सदैव मेरे ब्लौग आप का स्वागत है .

aartisharma के द्वारा
February 7, 2014

वाह बेहद खुबसूरत रचना मदन मोहन जी..बधाई

    Madan Mohan saxena के द्वारा
    February 10, 2014

    आपकी उत्साह बढ़ाने वाली प्रतिक्रिया मिली बहुत अच्छा लगा। धन्यवाद !

aartisharma के द्वारा
February 7, 2014

वाह ,बहुत खूब मदन मोहन जी..पहली मुलाकात को अविस्मरनीय बना दिया आपने ,सुंदर रचना


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