मैं, लेखनी और जिंदगी

गीत, ग़ज़ल, बिचार और लेख

199 Posts

1310 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 10271 postid : 716599

होली है

  • SocialTwist Tell-a-Friend

होली है

मन से मन भी मिल जाये , तन से तन भी मिल जाये
प्रियतम ने प्रिया से आज मन की बात खोली है

मौसम आज रंगों का छायी अब खुमारी है
चलों सब एक रंग में हो कि आयी आज होली है

ले के हाथ हाथों में, दिल से दिल मिला लो आज
यारों कब मिले मौका अब छोड़ों ना कि होली है

क्या जीजा हों कि साली हों ,देवर हो या भाभी हो
दिखे रंगनें में रंगानें में , सभी मशगूल होली है

ना शिकबा अब रहे कोई , ना ही दुश्मनी पनपे
गले अब मिल भी जाओं सब, आयी आज होली है

प्रियतम क्या प्रिया क्या अब सभी रंगने को आतुर हैं
चलो हम भी बोले होली है तुम भी बोलो होली है .

रंगों का त्योहार होली, हर बार की तरह इस बार भी आया है। उल्लास और खुशियां लेकर। हमेशा की तरह..लेकिन वक्त है कि थमता नहीं। अपने साथ बस यादों का गुलदस्ता और बड़ा बनाता चला जा रहा है। लेकिन होली का त्योहार इस गुलदस्ते के रंग-बिरंगे खुशबु वाले फूलों का गुलदस्ता बनकर फिर हमारा साथ देने आया है। यह रंगों का त्योहार आपके जीवन में हर रंग घोले। आप सब विस्तार पाओ, अपनी सीमाओं में, आकांक्षाओं में। तरक्की करें। आगे बढ़ें।…शुभकामनाओं के साथ आप सब को बहुत बहुत होली मुबारक

मदन मोहन सक्सेना

| NEXT



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

26 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Aakash Tiwaari के द्वारा
March 23, 2014

श्री मदन मोहन जी, आपकी कलम कि तारीफ़ करनी होगी जो इतने खूबसूरत अल्फाज़ को कागज पर उकेरती है.. उम्मीद है कि आप आगे और भी बेहतरीन रचना पेश करेंगे… =आकाश तिवारी=

    Madan Mohan saxena के द्वारा
    March 24, 2014

    आप का हार्दिक धन्यबाद उत्साह बर्धन और शुभ कामना के लिए .

Aakash Tiwaari के द्वारा
March 23, 2014

श्री मदन मोहन जी, आपकी कलम कि तारीफ़ करनी होगी जो इतने खूबसूरत अल्फाज़ को कागज पर उकेरती है.. उम्मीद है कि आप आगे और भी बेहतरीन रचना पेश करेंगे… आकाश तिवारी

Rajesh Dubey के द्वारा
March 21, 2014

कविता में होली त्यौहार पर सुन्दर कामना वधाई.

    Madan Mohan saxena के द्वारा
    March 24, 2014

    उत्साह बर्धन और शुभ कामना के लिए आप का हार्दिक धन्यबाद .

    Madan Mohan saxena के द्वारा
    March 20, 2014

    हार्दिक धन्यबाद .

meenakshi के द्वारा
March 14, 2014

बहुत सुन्दर होली वर्णन किया ! मदन जी आपको सपरिवार होली की बहुत – बहुत शुभकामनाएं ! मीनाक्षी श्रीवास्तव

    Madan Mohan saxena के द्वारा
    March 18, 2014

    आप का हार्दिक धन्यबाद .

ravindersingh के द्वारा
March 14, 2014

 हृदयसे होली की अग्रिम शुभकामना  सुंदर कविता ,होली  मदन मोहन सक्सेना जी।

    Madan Mohan saxena के द्वारा
    March 14, 2014

    उत्साह बर्धन और शुभ कामना के लिए आप का हार्दिक धन्यबाद .

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
March 14, 2014

होली के रंग बिखेरती ,दोस्ती और प्रेम के सन्देश देती सुंदर कविता ,होली की सादर बधाई मदन जी ,

    Madan Mohan saxena के द्वारा
    March 14, 2014

    शुभ कामना सन्देश के लिए आप का तहे दिल से हार्दिक आभार

March 13, 2014

aapko bhi holi kee bahut bahut shubhkamanayen

    Madan Mohan saxena के द्वारा
    March 14, 2014

    आपका हृदयसे आभार . आप का स्वागत है .

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
March 13, 2014

दिखे रंगनें में रंगानें में , सभी मशगूल होली है ना शिकबा अब रहे कोई , ना ही दुश्मनी पनपे गले अब मिल भी जाओं सब, आयी आज होली है सुन्दर …अच्छा सन्देश, प्रतिक्रियाएं गायब हो रही हैं

    Madan Mohan saxena के द्वारा
    March 14, 2014

    प्रोत्साहन के लिए आपका हृदयसे आभार . आप का स्वागत है .

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
March 13, 2014

दिखे रंगनें में रंगानें में , सभी मशगूल होली है ना शिकबा अब रहे कोई , ना ही दुश्मनी पनपे गले अब मिल भी जाओं सब, आयी आज होली है प्रिय मदन जी अच्छा सन्देश देती होली कि प्यारी रचना … होली की अग्रिम रूप से शुभ कामनाएं भ्रमर ५

    Madan Mohan saxena के द्वारा
    March 14, 2014

    हृदयसे आभार . सदैव मेरे ब्लौग आप का स्वागत है .

vaidya surenderpal के द्वारा
March 13, 2014

बहुत सुन्दर भाव। हार्दिक बधाई मदन मोहन सक्सेना जी।

    Madan Mohan saxena के द्वारा
    March 14, 2014

    उत्साह बर्धन और शुभ कामना के लिए आप सभी का हार्दिक धन्यबाद .

DR. SHIKHA KAUSHIK के द्वारा
March 13, 2014

sundar bhavabhivyakti .holi parv kee hardik shubhkamnayen !

sadguruji के द्वारा
March 13, 2014

ना शिकबा अब रहे कोई , ना ही दुश्मनी पनपे गले अब मिल भी जाओं सब, आयी आज होली है प्रियतम क्या प्रिया क्या अब सभी रंगने को आतुर हैं चलो हम भी बोले होली है तुम भी बोलो होली है.आपको इस कविता के सृजन की और होली की बहुत बहुत बधाई.

deepak pande के द्वारा
March 13, 2014

bahut खूब gambhir madan jee ka holi में यह चटपटा roop pasand aaya

    Madan Mohan saxena के द्वारा
    March 14, 2014

    उत्साह बर्धन के लिए आप सभी का हार्दिक धन्यबाद .

deepak pande के द्वारा
March 13, 2014

वाह होली के अवसर पर गम्भीर मदन जी का एक चटपटा ,नमकीन अंदाज बहुत पसंद आया


topic of the week



latest from jagran