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ग़ज़ल ( गज़ब हैं रंग दुनिया के)

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ग़ज़ल ( गज़ब हैं रंग दुनिया के)

भरोसा है तो रिश्तें हैं ,रिश्तें हैं तो खुशहाली
भरोसा टूटने पर यार सब कुछ टूट जाता है

यारों क्यों लगा करतें हैं दुश्मन जैसे अपने भी
किसी के यार जीबन में समय जब रूठ जाता है

समय की माँग है यारों रिश्तों को समय देना
अनदेखी में लगाया पौधा अक्सर सूख जाता है

बुरा कोई नहीं होता बुरे हालात होते हैं
दो पैसों के खातिर अपनों का साथ छूट जाता हैं

गज़ब हैं लोग दुनिया के गज़ब हैं रंग दुनिया के
जिसकी जब जरुरत हो तब ही रूठ जाता है

समय के साथ चलना क्यों बहुत मुश्किल हुआ करता
मदन जीबन यार बुलबुला है आखिर फूट जाता है

ग़ज़ल ( गज़ब हैं रंग दुनिया के)
मदन मोहन सक्सेना

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8 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Aakash Tiwaari के द्वारा
March 28, 2014

श्री मदन जी, आपकी ये गजल जीवन के हर कदम के हिसाब है..कब किस कदम पर कैसे क्या हो जाता है काफी करीब जाकर लिखा है आपने.. मेरी तरफ से 4 लाइन है..इन लाइनों पर आपकी प्रतिक्रिया कि उम्मीद रहेगी.. “जीवन के पसोपेश में सबको चलना है अकेला, गज़ब हैं रंग दुनिया के इन रंगों से किसने खेला, यहाँ अन्धकार में बुना ख़्वाब सुबह को टूट जाता है. जीवन कहूं या साथ अक्सर मौके पर छूट जाता है..” =आकाश तिवारी=

    Madan Mohan saxena के द्वारा
    April 1, 2014

    बहुत सुन्दर धन्यबाद

nishamittal के द्वारा
March 28, 2014

अनदेखी में लगाया पौधा अक्सर सूख जाता है बुरा कोई नहीं होता बुरे हालात होते हैं दो पैसों के खातिर अपनों का साथ छूट जाता हैं गज़ब हैं लोग दुनिया के गज़ब हैं रंग दुनिया के बढ़िया प्रस्तुति मदन जी

    Madan Mohan saxena के द्वारा
    March 28, 2014

    आपकी प्रतिक्रिया से मुझे उर्जा मिलती है ,आप का बहुत बहुत धन्यवाद्

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
March 27, 2014

समय की मांग है यारो रिश्तों को समय देना ,अनदेखी में लगाया पौधा अक्सर सूख जाता है ,बहुत खूब मदन जी ,रिश्तों को वास्तब में सींचना पड़ता है ,बहुत अच्छी रचना ,सादर बधाई

    Madan Mohan saxena के द्वारा
    March 28, 2014

    अनेकानेक धन्यवाद सकारात्मक टिप्पणी हेतु.

DR. SHIKHA KAUSHIK के द्वारा
March 27, 2014

अनदेखी में लगाया पौधा अक्सर सूख जाता है- EKDAM SATEEK LIKHA HAI AAPNE .AABHAR

    Madan Mohan saxena के द्वारा
    March 28, 2014

    प्रतिक्रियार्थ आभारी हूँ ,अनेकानेक धन्यवाद


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