मैं, लेखनी और जिंदगी

गीत, ग़ज़ल, बिचार और लेख

199 Posts

1310 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 10271 postid : 815690

ग़ज़ल ( प्यारे पापा डैड हो गए )

  • SocialTwist Tell-a-Friend

ग़ज़ल ( प्यारे पापा डैड हो गए )

माता मम्मी अम्मा कहकर बच्चे प्यार जताते थे
मम्मी अब तो ममी हो गयीं प्यारे पापा डैड हो गए

पिज्जा बर्गर कोक भा गया नए ज़माने के लोगों को
दही जलेबी हलुआ पूड़ी सब के सब क्यों बैड हो गए

गौशाला में गाय नहीं है ,दिखती अब चौराहों में
घर घर कुत्ते राज कर रहें मालिक उनके मैड हो गए

कैसे कैसे गीत हुये अब शोरनुमा संगीत हुये अब
देख दशा और रंग ढंग क्यों तानसेन भी सैड हो गए

दादी बाबा मम्मी पापा चुप चुप घर में रहतें हैं
नए दौर में बच्चे ही अब घर के मानों हैड हो गए ।

प्रस्तुति :
मदन मोहन सक्सेना

| NEXT



Tags:       

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 2.50 out of 5)
Loading ... Loading ...

1 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

poeticrebellion के द्वारा
December 15, 2014

बहुत खूब सर…. बहुत खूब …..


topic of the week



latest from jagran