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नब बर्ष (२०१५ )

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नब बर्ष (२०१५ ) की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।

मंगलमय हो आपको नब बर्ष का त्यौहार
जीवन में आती रहे पल पल नयी बहार
ईश्वर से हम कर रहे हर पल यही पुकार
इश्वर की कृपा रहे भरा रहे घर द्वार..

मुझको जो भी मिलना हो ,बह तुमको ही मिले दौलत
तमन्ना मेरे दिल की है, सदा मिलती रहे शोहरत
सदा मिलती रहे शोहरत और रोशन नाम तेरा हो
ग़मों का न तो साया हो निशा में ना अँधेरा हो

नब बर्ष आज आया है , जलाओ प्रेम के दीपक
गर जलाएं प्रेम के दीपक तो अँधेरा दूर हो जाए
गर रहें हम प्यार से यारों और जीएं और जीने दें
अहम् का टकराब पल में ही यारों चूर हो जाए

मनाएं हम सलीखें से तो रोशन ये चमन होगा
सारी दुनियां से प्यारा और न्यारा ये बतन होगा
धरा अपनी ,गगन अपना, जो बासी बो भी अपने हैं
हकीकत में बे बदलेंगें ,दिलों में जो भी सपने हैं

काब्य प्रस्तुति :
मदन मोहन सक्सेना



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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Madan Mohan saxena के द्वारा
January 8, 2015

शुक्रिया

sadguruji के द्वारा
January 2, 2015

आदरणीय मदन मोहन सक्सेना जी ! विचारणीय और बहुत अच्छा सन्देश देती इस काब्य रचना के सृजन के लिए बहुत बहुत अभिनन्दन और बधाई ! नववर्ष 2015 आपके और आपके समस्त परिवार के लिए मंगलमय हो ! नववर्ष में भी आपकी सार्थक और महत्वपूर्ण वैचारिक उपस्थिति इस मंच पर बनी रहे !


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