Archives Sort by:

मैं, लेखनी और जिंदगी

बेबसी में मन से बहता यह नयन का तीर है

Madan Mohan saxena के द्वारा: कविता में

मैं, लेखनी और जिंदगी

मुहब्बत में मिटकर फना हो गया हूँ .

Madan Mohan saxena के द्वारा: कविता में

मैं, लेखनी और जिंदगी

ग़ज़ल( ये रिश्तें काँच से नाजुक

Madan Mohan saxena के द्वारा: कविता में




latest from jagran